Wednesday, 17 January 2018

हम चुनाव और प्रचार आप पर ही छोड़ देते है !
ब्राह्मण धर्म : ग्रन्थ वेद , कानून मनुस्मृति
हिन्दू धर्म ; ग्रन्थ बीजक , कानून हिन्दू कोड बिल
ब्राह्मण धर्म ; प्रारंभ ; ब्राह्मण लोक , ब्रह्म्हा, हिंदुस्तान के बहार
हिन्दू धर्म ; प्रारंभ ; हिन्दू लोक , , शिव , हिंदुस्तान के आदिवासी
ब्राह्मण धर्म : भेद , वर्ण , जाती , छुवाछुत , जनेऊ , होम हवन , ब्राह्मण
हिन्दू धर्म : वेद , वर्ण , जाती , ऊंचनीच , ब्राह्मण , जनेऊ आदि कुछ नहीं
ब्राह्मण धर्म ; देवता -बलात्कारी ब्रह्मा , विष्णु , इंद्रा , रूद्र , सोम ,ब्राह्मण
हिन्दू धर्म : देवता - गैर ब्राह्मण शिव , राम , क्रृष्ण, कबीर साई , हिन्दू
ब्राह्मण धर्म ; उत्पत्ति - विदेशी
हिन्दू धर्म :उत्पत्ति - स्वदेशी
ब्राह्मण धर्म : लोक संख्या - हिंदुस्तान में ३ पैर सेण्ट
हिन्दू धर्म : लोक संख्या - हिंदुस्तान में ९७ पैर सेण्ट
ब्राह्मण धर्म, लोक , संस्कृति विदेशी होने के प्रमाण - तिलक , नेहरू , भंडारकर , डांगे , फुले ,
हिन्दू धर्म, लोक , संस्कृति स्वदेशी होने के प्रमाण - हिन्दू सिंधु संस्कृति ,हिन्दू लोक धर्म , गैर ब्राह्मण आदिवासी
अब आप ही सोचिये और बताईये आप को कोण सा धर्म चाहिए ?
स्वदेशी, हिंदुस्तानी , कल्याणकारी , समतावादी , भाईचारा वाला सत्य शिव ,सुन्दर हिन्दू धर्म ?
या
विदेशी , बलात्कारी , भेदभाववाला , जाती , वर्णवादी , ऊंचनीच , अस्पृश्यता मानाने वाला, गैर बराबरी का पुरस्कार करने वाला अमानवीय ब्राह्मण धर्म ?
हम चुनाव और प्रचार आप पर ही छोड़ देते है !
नैविस्ट डी.डी.राउत ,
अध्यक्ष
नेटिव रूल मूवमेंट

Friday, 12 January 2018

नेटिव हिन्दू धर्म का रंग है पीला , विदेशी ब्राह्मण धर्म का रंग है काला :

नेटिव हिन्दू धर्म का रंग पीला ,सोनेरी , सोने जैसा है पर विदेशी ब्राह्मण धर्म  का रंग है काला। विदेशी ब्राह्मण धर्मी आरएसएस का रंग भी सही मायने में और काम के हिसाब से काला ही है।

हिन्दू समाज , हिंदुस्तान , हिन्दू धर्म में पिले रंग का विशेष महत्त्व है।  सोना , सोने का रंग , हल्दी का नेचरल रंग पीला ही है यहाँ तक सूर्य के किरणे भी पिली आभा के होते है इस लिए हिन्दू सूर्य उपासक भी है और हल्दी का प्रयोग शुभ या मंगल कार्य में अनिवार्य है।  हिन्दू जब शादी करते है तो हल्दी का कार्यक्रम किया जाता है जिस में सभी भाग लेते है।  दूल्हे , दुल्हन को शादी के पहले हल्दी लगायी जाती है उन्हें हिन्दू बनाया जाता है।  शिव भक्त भी हल्दी का भंडारा यानि माथे पर तिलक लगते है , औरते भी हल्दी और सूखे हल्दी से तैयार कुमकुम का प्रयोग अपने शादी शुदा , ग्रहस्ती होने के कारण कराती है और आने जाने वाली शादीशुदा औरतो को हल्दी कुमकुम लगा कर उनके सौभाग्य की मंगल कामना करती है।  साउथ में पीला धागा सौभाग्य का प्रतिक है जो शादीशुदा महिलाये पहनती है और जो महिलाये मंगल सूत्र पहनी है वह भी काम से काम दो सोने के मणि जो पिले होते है जरुरी होता है।

हमारे हिन्दू भाई जब महादेव अर्थात भोले शिवशंकर की यात्रा को जाते है तब भी उनके झोले का रंग पीला ही होता है जिसे खरी कहा जाता है।

पीताम्बर , पिले रंग की धोती खास आयोजन पर हिन्दू पहनते है।  कुछ बुद्धिस्ट , जैनी , सिख भी अब उनके रंग के साथ पीला रंग पसंद करते है जिसे बुद्धिस्ट भगवा , जैन सफ़ेद , सिख नीला और उसके साथ पीला भी।

विदेशी ब्रह्मिन जो केवल होम हवं और जनेऊ में विश्वास करते है वे प्राणी हत्या , बलि के साथ साथ जानवरो के आंत यानि अतड़ी की जनेऊ पहनते थे वे हिंदुस्तान में आकर कपड़ा पहना ना सीखे और बाद में हमने जो कपास का धागा बनाया उसे जनेऊ कर के अपना लीये पर अब भी जनेऊ गैया काट  कर ही निकाला जाता है।

ब्राह्मण  धर्म  काले  विचारो  के  कारण  काला  धर्म  माना  जाता  है

नेटिविस्ट  डी.डी.राउत
प्रचारक
सत्य हिन्दू धर्म सभा

देश के लिए सन्देश ; जनेऊ छोडो , भारत जोड़ो